आज हम आपको दुर्ग शहर के पटेल चौक के बारे में अवगत करायेगे दुर्ग शहर का सबसे बड़ा चौक पटेल चौक जहां यातायात का लगातार दबाव बना रहता हैं साथ ही यह चौक से चारों तरफ से लोगों का आना जाना लगा रहता है कई बार लोग दुर्घटना का भी शिकार हुए हैं तो कई लोगों ने अपनी जान भी गवाई हैं।
उसके बाद इस चौक का सौंदर्यीकरण करना दुर कि बात इन सड़कों का मरम्मत रिपेयरिंग भी नहीं हो पा रहा है इस चौंक कि स्थिति बहुत ही दयनीय एवं लोगों को लगातार दुर्घटनाओं का भय बना रहता हैं।
और नेताओं द्वारा इस चौक में सीने तांग कर चलता हैं। और बहुत ही चिंता का विषय हैं।
आज हम आपको दुर्ग शहर के बीचोबीच स्थित पटेल चौक के बारे में अवगत करायेगे दरासल इस चौक का पूरा नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल हैं। लेकिन लोग प्यार से इस चौक को पटेल चौक के नाम से जाने जाते हैं
भाजपा शासन के समय पटेल जी का इस चौक में प्रतिमा अनावरण दिनांक 07/11/ 2004 को भाजपा सरकार के द्वारा सम्पन्न हुआ था उस समय इस प्रतिमा का अनावरण में उपस्थित भाजपा नेता मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण आडवानी विशेष अतिथि महासचिव राजनाथ सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन मुख्यमंत्री रमनसिंह के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ था

और इस चौक का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल रखा गया इस चौक का सौंदर्यीकरण किये आज लगभग अठारह साल होने को हैं। उसके बाद आज तक इस चौक का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया हैं। आज इस चौक कि हालत बहुत ही खराब हैं इस चौक को देखने के बाद आप दुर्ग शहर सभी चौकों के बारे में आप अंदाजा आसानी से लगा लेंगे कि दुर्ग शहर के सभी चौक ऐसी गढ्ढो भरा सड़कों होगा
आये दिन इन बड़े बड़े गढ्ढो कि वजह से लोगों को दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं जबकि लगातार पंद्रहवें साल तक भाजपा शासन चल रहा था उसके बाद भी इस चौक को पुनः सौंदर्यीकरण करना दूर कि बात दुर्ग शहर में ऐसे कोई भी चौक नहीं जो चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण किया गया हो

पूर्व महापौर सरोज पांडेय जब महापौर थी उस समय अपने कार्यकाल में पुष्प वाटिका , नगर चौपाटी, नाना नानी,दादा दादी पार्क, ड़ां राजेन्द्र प्रसाद उद्यान से लेकर गौरव पथ एवं पटेल चौक में बड़ी सी घड़ी का भी निर्माण किया गया था जहां लोग पुष्प वाटिका में सैकड़ों के तादात में घुमने जातें थे
और उस वाटिका में लगे फुव्वारे का लुफ्त उठाते नजर आते थे साथ ही अनेकों विकास निर्माण कार्य किया गया था जो आज पुष्प वाटिका से लेकर नगर चौपाटी कि स्थिति बहुत ही खराब हैं क्योंकि उसके पहले पूर्व महापौर सरोज पांडेय द्वारा करोड़ों रुपए के विकास कार्य इस शहर में कि गई थी

सरोज पांडेय के महापौर कार्यकाल बहुत ही सराहनीय रहा हैं और आज के नागरिकों को ऐसे ही नेताओं कि आवश्यकता है जो शहर के विकास में निरंतर प्रयास में लगे रहते हैं
उसके बाद भाजपा के ही महापौर बने शिव कुमार तमेर एवं चंद्रिका चंद्राकर द्वारा इस शहर के नागरिकों को केवल विकास एवं संधारण के नाम पर केवल झूठी आश्वासन दिया गया और उन जगहों को संधारण करना दूर कि बात उन जगहों को देख परख करना भी उचित नहीं समझे अपने पार्टी का नाम खराब एवं अपने सरकार को गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ना और इन नेताओं का हारने का मुख्य कारण यही हो सकता है ऐसी अनुमान लगाया जा रहा है

इस क्षेत्र के लोगों को विकास के नाम पर झूठी तसल्ली देना महंगा पड़ा और आज के युवा पीढ़ी नेताओं से सिर्फ हीं सिर्फ शहर के विकास के अलावा और कुछ नहीं चाहते आज दुर्ग शहर के सभी सड़कों का हाल बहुत ही खराब हैं। क्योंकि जगह जगह गढ्ढों होने से लोग बहुत ही परेशान नजर आ रहे हैं और लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं
और आज पंद्रह साल गुजर जाने के बाद भाजपाइयों द्वारा सड़कों कि मरम्मत से लेकर चौड़ी करण करने को लेकर आंदोलन से लेकर चक्का जाम करते नजर आते हैं जबकि खासबात तो यह हैं कि आज भी दुर्ग जिला के भाजपा के सांसद विजय बघेल हैं।

जबकि सांसद निधि से इस चौक का कायाकल्प हो सकता है लेकिन सांसद भी नहीं चाहता कि इस चौक का सौंदर्यीकरण हो तभी तो नजर अंदाज करते दिखाई दे रहे हैं सांसद द्वारा अपने अधिकारियों से लेकर अपने कार्यकर्ताओं नेताओं का मीटिंग इसी पटेल चौक से गुजरकर क्लेक्ट्रेट एवं भाजपा कार्यालय में आना जाना लगा रहता है और इस जर्जर सड़क के बारे पता होने के बाद भी सांसद द्वारा नजर अंदाज करना समझ से परे है
जबकि लोगों ने सांसद को वोट नरेंद्र मोदी को देखकर दिया गया था आज सांसद का लगभग तीन साल छः माह याने 42 माह का लगभग कार्यकाल विकास कार्य सिर्फ कोरे कागज पर ही रहा लोगों को देखने एवं सुनने में ऐसा महसूस हो रहा हैं एवं हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विश्वास पर पानी फेरते दिखाई दे रहे हैं

क्योंकि सांसद द्वारा इस दुर्ग जिला में कहीं पर भी विकास कार्य नजर नहीं आ रहे हैं कारण कुछ ही दिनों पहले भिलाई उरला कि छात्रा कि ट्र्क कि चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि सांसद विजय बघेल का निवास क्षेत्र है जबकि खासबात तो यह हैं कि साईं मंदिर चौक से देवभोग दुध डे़यरी उरला मार्ग जगहो जगहों पर बहुत ही गढ्ढो एवं पानी से भरा हुआ एवं रात्रि में उस रास्ते पर अंधेरे रहने से लोगों को दुर्घटनाओं का भय लगातार बनी रहती है
जब सांसद महोदय के क्षेत्र का ये हाल है तो दुसरे जगहों का क्या उम्मीद रखे आज तक घटनास्थल के गढ्ढो को नहीं भरा गया है बहुत ही गंभीर एवं चिंता जनक है

दुर्ग शहर के पटेल चौक में अधिकारियों से लेकर अन्य पार्टियों के नेताओं का भी आना जाना लगा रहता है उसके बाल भी आज तक इस चौक का सौंदर्यीकरण करना दूर कि बात गढ्ढो को भरने का काम भी नहीं हो पा रहा है
जब किसी कि दुर्घटना होने पर सभी श्रेय लेने पहुंच कर एक दुसरे के बारे में टीपा टिप्पणी करने में कमी नहीं करते हैं इस चौक में सौंदर्यीकरण इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि पटेल जी का प्रतिमा अनावरण भाजपा शासन के समय भाजपाइयों द्वारा किया गया था और अभी कांग्रेस पार्टी के सरकार हैं। इसलिए शायद इस चौक का सौंदर्यीकरण नहीं होना मुख्य कारण हैं।

लेकिन ऐसा भी नही क्योंकि दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा भी काफी लंबे समय से विधायक के रूप में पदस्थ हैं उसके बाद भी आज लोग खराब सड़कों, खराब नालियों, खराब उद्यानो,एवं अंधेरों में चलने को मजबूर अगर विधायक जी शहर के विकास के बारे में सोचते तो शहर के नागरिकों को मूलभूत जैसे सुविधाओं से जूझना नहीं पढ़ता और आज शहर कि ये स्थिति निर्मित नहीं होती
आज पुरे दुर्ग शहर के चौंक चौराहों कि हालत बहुत ही खराब हैं ऐसे में विधायक जी कैसे गढ़बो नवा दुर्ग लोगों के समझ से परे हैं फोटो खिंचवाने या हंस कर टाल देने से शहर के समस्याओं का निराकरण नहीं होता हैं दुर्ग शहर गढ्ढो का गढ़ बन गया है

जबकि अभी नवरात्रि का समय चल रहा हैं। श्रद्धालुओं द्वारा मां बम्लेश्वरी मंदिर मातारानी के दर्शन करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं उन श्रद्धालुओं को भी खराब सड़कों से चलकर जाना पढ़ रहा हैं जिससे श्रद्धालुओं के पैर में मोच आने कि खतरा लगातार बनी हुई है
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा गढ्ढो को भरने के नाम पर केवल खानापूर्ति किया गया जबकि कुछ दिनों पहले छोटे छोटे मासूम बच्चों कि मौत ट्र्क कि चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी उसके बाद सड़कों कि लीपापोती कि गई थी लेकिन कब तक ऐसी शहर में लीपापोती चलेगा विधायक जी उसके बाद भी आज भी सड़कों कि गढ्ढो कि हालत जस के तस बनी हुई हैं

ऐसा लग रहा कि मानो बड़ी अनहोनी होने कि बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं हमारे क्षेत्र के नेताओं के द्वारा ये सुनने को भी मिलते हैं कि हमारे सरकार के पास विकास के नाम पर बहुत ही फंड हैं। और हम विकास में कमी नहीं होने देंगे उसके बाद भी दुर्ग शहर के नागरिकों को खराब सड़कों एवं खराब चौक चौराहों का स्तेमाल करने को मजबूर हैं।
जबकि खासबात तो यह हैं कि इस पटेल चौक से होकर सभी अधिकारियों नेताओं मंत्रियों का आना जाना लगा रहता है इस चौक से कुछ ही दुरी पर नेताओं के लाखो रुपए के लागत से कार्यालय भी स्थापित हैं। उसके बाद भी इस चौक का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाना बहुत हीं चिन्ता जनक हैं।

अगर ऐसी ही स्थिति निर्मित रहती है तो आने वाले दिनों कुछ माह बाद चुनाव होना है लोगों को नये चेहरे के साथ ही जो व्यक्ति या नेता शहर कि विकास कराने में सक्षम रहेंगे उसी व्यक्तियों को ही नेता के रूप में नजर आएंगे ऐसे अनुमान लगाया जा रहा है
इस पटेल चौक से लगभग पंद्रह किलोमीटर कि दूरी पर लगभग सभी मंत्रियों का निवास स्थल है और निवास स्थल से इस पटेल चौक को पार करके अपने कार्यालय या फिर अन्य जगहों पर कार्यक्रम में आना जाना लगा रहता है
उसके बाद भी इस चौक का सौंदर्यीकरण करने को लेकर किसी भी प्रकार का कोई विचार विमर्श क्यों नहीं करते हैं
जनता मांगे पांच से पंद्रह सालों का हिसाब अब वह घड़ी बहुत ही जल्द करीब आ रही हैं। जो लोगों को अच्छे दिनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं



