ग्राम पंचायत हनोदा – आज हम आपको दुर्ग जिला के ग्राम पंचायत हनोदा के बारे में अवगत करायेगे जोकि कि दुर्ग शहर से लगभग पांच किलोमीटर कि दूरी एवं बोरसी से लगभग दो किलोमीटर पर स्थित है
जहां यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित तो हो ही रहें हैं साथ ही बहुत से सुविधाओं से जूझना पढ़ रहा हैं
इस क्षेत्र के ग्रामीण लोग मीडिया के पास अपनी बात रखतें हुए कहा कि यहां तीन से पांच हजार कि आबादी वाली क्षेत्र होने के बाद भी पानी कि समस्या के बारे हम यहां के दुर्ग ग्रामीण हनोदा सरपंच , अध्यक्ष से लेकर विधायक को भी अवगत किये हैं
उसके बाद भी आज तक पानी टंकी कि मांग पुरी नहीं हो पाई है ग्राम पंचायत हनोदा के स्कूल में बच्चों को मध्यान्ह भोजन देने के बाद बच्चों को भोजन खाने के पश्चात बर्तन धुलाने कि मामला सामने आया है
जब हम इस विषय में सरपंच से बात किये तो सरपंच जी ने टिप्पणी करतें हुए कहा कि खाया है तो धोना ही पड़ेगा
इस हनोद क्षेत्र में सप्ताह में दो दिन बाजार भराता एवं लगता हैं उसके बाद भी बाजार भराने कि जगह बहुत ही खराब हैं बाजार के दिन अगर पानी गीर जातें हैं
तो वह बाजार कीचड़ एवं दलदल होने कि वजह से उतनी ग्राहकी नहीं होने से उस दीन का धंधा चौपट हों जाता हैं। और काफी नुकसान का सामना करना पड़ता हैं
नागरिकों ने बताया कि इस हनोदा क्षेत्र में लगभग 25 वर्ष हो चुके होंगे यहां बाजार भराते हुए लेकिन आज तक इस बाजार को नया आकार दूर कि बात बाजार के आसपास लोगों को अंधेरों का भी सामना करना पड़ता हैं एवं बाजार के दिन रोड़ भी काफी जाम कि स्थिति निर्मित रहती हैं

जिससे कभी भी बड़ी हास्सा होने कि संभावना बनी रहती है
यहां स्वच्छ अभियान भी पुरी तरह से फैल साबित हुई हैं क्योंकि यहां के तालाबों से लेकर नालियों का गन्दा पानी रोड़ मे बहने एवं प्रतिदिन नालियों के सफाई तो दूर कि बात कई महिनों से इस क्षेत्र के नालियों कि सफाई नहीं हो रहा हैं
जिनकी वजहों से नालियों के गन्दा पानी लोगों के घरों तक पहुंचने एवं फैलने से वहां मच्छर पनपने से लोगों को मलेरिया जैसे भयानक बीमारी होने कि खतरा लगातार बनी रहती है
साथ ही इस हनोदा क्षेत्र में लगभग 17 से 18 लाख कि लागत से गौठान निर्माण कार्य किया गया है जिसमें पुरी तरह से भ्रष्टाचार होने कि संभावना नजर आ रहे हैं और देखने से मुश्किल से पांच से दस लाख रुपए ही लगा होगा ऐसा अनुमानित लग रहा हैं
लेकिन सरपंच द्वारा मलमा पटिंग होने कि बाते कही गई जबकि उस गौठान में गायों के चलने से बैठने तक भी जगह नहीं है
जो मिट्टी का मलबा डंप किया गया है वह भी जगह जगह पर लाकर एसी ड़ंप लोंदे लोंदे जैसे रख दिये गये हैं और न ही उस गौठान में कोई भी गायें नजर नहीं आई साथ देखने से ऐसा लग रहा है मानो आज तक इस गौठान में कोई गायों भी आए होंगे

एवं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पउवारा से बोरसी तक निर्माण एजेंसियों द्वारा नालियों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें बहुत सी कमी नजर आई जहां जहां टर्निंग प्वाइंट वहां वहां नाली बनाना छोड़ दिया गया है
जिससे नालियों का गन्दा पानी स्कूलों , तालाबों एवं घरों में घूसने से लोग बदबू से परेशान एवं तालाबों का पानी दूषित हो रहें हैं
एवं नालियों का निर्माण करते समय गलियों के नालियों में नहीं जोड़ने से नालियों एवं घरों का पानी रोड़ मे फैलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं
ग्राम हनोदा के प्राथमिक स्कूल में बरसात के दिनों में स्कूल कि छत से पानी टपकने व स्कूल के बाउंड्री वॉल के अंदर ग्राउंड में पानी भर जाने से स्कूल के बच्चों से लेकर शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं
स्कूलों में पानी भरने के कारण मलबा डालने स्कूल के मंच चबुतरा में टीन सेट लगाने जिससे बच्चों को प्रार्थना करतें व्यक्त धूप एवं पानी बरसात से निजात मिल सके
इसके लिए शिक्षकों द्वारा कई बार सरपंच से लेकर शासन प्रशासन एवं कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को अवगत किये हैं
उसके बाद भी आज तक किसी भी प्रकार का कोई निराकरण नहीं होने से यहां के ग्रामीणों द्वारा अपनी क्षेत्र कि समस्याओं से जूझना समझ से परे हैं



