भाजपा के शासन काल में मेरा कार्यालय व मकान बना और मैं कांग्रेसी कार्यकर्ता का मकान कांग्रेस शासन काल में तोड़ दिया गया।
मैं नरेश कोठारी पिता श्री गोवर्धन कोठारी निवासी स्टेशन मरोदा भिलाई जो कि विगत 25 वर्षों से पार्टी के निष्ठावान सिपाही की तरह पार्टी के रीति निती अनुसार काम कर रहा था। ब्लॉक, जिला व प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुका हूँ। पार्टी में मुझे बहुत सम्मान दिया। मुझे एवं मेरी पत्नि को पार्षद बनने का अवसर दिया उसके लिए सदैव आभारी रहूँगा।
आसन्न नगर पालिक निगम रिसाली के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के दबाव में पार्षद का टिकट दिया प्रचार के लिए पूर्व गृहमंत्री माननीय ताम्रध्वज साहू व उनके सुपुत्र जितेन्द्र साहू से निवेदन किया तो बोले तुम बड़े नेता हो मुख्यमंत्री को बुला लो कहते हुए मुझे पुर्व मंत्री पुत्र जितेन्द्र साहू ने धमकी दिया कि टिकट तो ला लिये हो कैसे चुनाव जितते हो वो मैं भी देखूंगा।
मैंने उनकी बातो को ज्यादा गंभीरता से नही लिया । उसके बाद कुछ अपने चहेते कांग्रेसी कार्यकर्ता से मिलकर मुझे चुनाव में हराने का काम किया। जिसका प्रमाण मेरे पास आडियो रिकार्डिंग के तौर पर है। फिर भी मैंने कुछ नही कहा और पार्टी के हर गतिविधी में शामिल होकर काम करते रहा।
पूर्व गृहमंत्री के शासन काल में इतना प्रताड़ित व उपेक्षित कभी इन 25 वर्षों के संघर्ष के समय महसूस नही किया जितना इनके शासन काल में हुआ। तंग होकर फेसबुक के माध्यम से पूर्व गृहमंत्री जी को समझाने का प्रयास किया । 40 वार्डो के लिए हाथ जोडो यात्रा कांग्रेस द्वारा निकाली गयी थी। जिसमें महज 31 लोग ही थे।
मैंने लिखा अपनो की राजनितिक हत्या करोगे तो भीड़ कहा से होगी उसके बाद तो और भी ज्यादा अंदेखा पिता-पुत्र द्वारा किया गया। फिर से मैने लिखा हो सकता है ये मेरी गलती है। नकारा और निकम्मा औलाद अपने बाप के विरासत को मिट्टी में मिला देता है। जैसे कि दुर्ग ग्रामीण, इसके बाद तो इन पिता पुत्र का पारा सातवे आसमान में चढ़ गया
और टी आई को आदेश दिया की किसी भी तरह से हो नरेश कोठारी को जेल भेजो बहुत प्रयास हुआ परन्तु नही भेज पाये, फिर 7 वर्ष पूर्व बने मेरे कार्यालय और मकान को भी बी एस पी के अफसरो पर दबाव डालकर तोड़वा दिया। सांसद रहते मेरे कार्यालय में अनेको कार्यक्रम किये विधानसभा चुनाव से लेकर कांग्रेस पार्टी की सभी गतिविधी मेरे कार्यालय से ही संचालित होती रही।
कांग्रेस पार्टी का नारा रोटी, कपड़ा और मकान कहा गया। इन पिता-पुत्र ने मेरे 25 वर्ष के राजनितिक जीवन को ही मिट्टी में मिलाने का काम किया परन्तु किसी भी कांग्रेसी भाई ने सामने आकर मेरा सहयोग नही किया। माननीय अध्यक्ष जी रिसाली के आम जनता को समझ में आ गया भाजपा के शासन काल में मेरा कार्यालय व मकान बना और मैं कांग्रेसी कार्यकर्ता का मकान कांग्रेस शासन काल में तोड़ दिया गया।
इन सबके बावजूद भी पार्टी से जुड़कर काम करते रहा। हद तब हुआ कि अभी के विधानसभा चुनाव में प्रत्यासी रहे पूर्व गृहमंत्री के सुपुत्र ने मेरी जासूसी करवाया कि मैं क्या कर रहा हूँ, कहाँ जा रहा हूँ, कहाँ आ रहा हूँ, जबकि पार्टी या प्रत्यासी किसी भी तरह की गलत गतिविधी मेरे द्वारा नही किया गया। अब पार्टी में बना रहना अपना और भी स्वाभिमान बेचने योग्य होगा।
अतः अध्यक्ष जो आज दिनॉक से कांग्रेस पार्टी के प्राथमिक सदस्तयता से त्यागपत्र देता हूँ, कृपया स्वीकार करने की कृपा करेंगे।

