क्षेत्र के लोगों के लिए पद्मनाभपुर थाना फैल साबित क्योंकि पुलिस कंट्रोल 112 में सूचना देवे वालो का जांन का खतरा नाम व नम्बर सार्वजनिक चौक चौराहों में देर रात्रि कालीन तक पान ठेले,चाय एवं चखना दुकानें खुली रहने से असमाजिक तत्वों के जमावड़ा गाली-गलौज मार-पीट भगदड़ होने कि स्थिति निर्मित कोई कार्यवाही नहीं होती जिम्मेदार मौन
दुर्ग शहर के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र जैसे पोंटिया चौक, बोरसी चौक, महाराजा चौक के आलावा अनेकों चौक चौराहों में रात दस बजे से रात्रि कालीन तक पान ठेले , चाय बेचने वाले दुकानो से लेकर चखना सेंटरों के द्वारा आधी रात तक दुकान खोलने के कारण असमाजिक तत्वों जमावड़ा होने के साथ ही आदतन बदमाशों एवं गुंडा मवालियों के द्वारा हुड़दंग मचाने कि मामला सामने आया है।
सुत्रो के अनुसार पता चला सुनने में आया कि इन क्षेत्रों में कुछ दिनों से हुड़दंगियों द्वारा लड़ाई झगड़ा हो रहे है। किसी व्यक्ति के द्वारा माहौल खराब न हो जाए ऐसा सोचकर 112 पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना कर जानकारी उपलब्ध कराई गई लेकिन 112 ड्यूटी में उपस्थित पुलिस कर्मचारियों द्वारा सूचना देने वाले के नाम उजागर कर देना जिससे सूचना देने वालो कि जान का खतरा बनी हुई रहती है। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के लोगों के लिए फैल साबित हुई
लेकिन 112 पुलिस गाड़ी में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी द्वारा कार्यवाही नहीं करती और न थाना ले जाते हैं। आधी रात आधी बीच में ही आपस में सेटलमेंट कर लिया जाते हैं। उसके बाद 112 पुलिस कर्मचारियों द्वारा सुचना देने वाले के नाम को असामाजिक तत्वों के सामने उजागर कर देते हैं।
जबकि सुचना देने वाले का नाम गोपनीय रखी जाती हैं। लेकिन आजकल चंद पैसे एवं शराब कि चाह विभागों को बदनाम करके रखी हुई हैं। इससे सूचना देने वालों कि दुश्मनी अनजान लोगों के साथ बढ़ने कि मामला दीन प्रतिदिन बढ़ रही है। अब क्षेत्र के लोगों को 112 पुलिस वाहन कर्मचारियों पर विश्वास नहीं रहा भरोसा खत्म हो गई है
आज 112 पुलिस कर्मचारियों के इस लापरवाही के चलते 70/ प्रतिशत लोगों द्वारा अपने जांन जोखिम में डालने के लिए अब 112 पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करना उचित नहीं समझते क्योंकि आज गोपनीयता भंग एवं खत्म हो गई है। पद्मनाभपुर थाना में सरकारी नम्बर पर किसी भी मामले को लेकर फोन करने पर थाना में उपस्थित पुलिस कर्मचारियों द्वारा फोन नहीं उठायी जाती और न ही कोई कार्यवाही होती है।
और न ही घटना स्थल में समय पर नहीं पहुंचते जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले कहीं न कहीं बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं। और न ही ऐसे लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती इससे साफ जाहिर होता है कि असामाजिक तत्वों और पुलिस के बीच ऐसी कौन-सी तालमेल बैठी होगी आप लोग भली-भांति परिचित हैं। और इस बड़ी लापरवाही एवं एक गलती के कारण आज दुर्ग जिला अपराध का गढ़ बन गई है।
जबकि खासबात तो यह है। कि इस क्षेत्र में पूर्व गृहमंत्री का भी निवास स्थान है। और लोग उसे भली-भांति जानते हैं। उसके बाद भी इस क्षेत्र में आये दीन चौक चौराहों में दिनदहाड़े असमाजिक तत्वों द्वारा भगदड़ मचाकर क्षेत्र में अशांति फैलाकर रखीं गई है। जिस क्षेत्र में गृहमंत्री निवास करते हैं। और अगर उस क्षेत्र में लोगों में खौफ एवं भय लगातार बनी हुई है। तो उस क्षेत्र के लोगों के लिए थाना एवं मंत्री दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुई
और कभी भी बड़ी घटनाओं को अंजाम क्षेत्र में फैला अशांति पुलिस प्रशासन द्वारा इस पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में यहां फ्लैग मार्च नहीं होता क्योंकि यहां अशांति का माहौल है। क्या इस क्षेत्र में शांति आयेगी ये तो आने वाले वक्त ही बता पायेंगे क्योंकि इस क्षेत्र में संरक्षण के कारण सभी प्रकार के गतिविधियां संलिप्त एवं संचालित होती हैं। जो आज तक बंद नहीं हुआ इसलिए लोगों के जूबान में हरवक्त यह सुनने मिलते हैं कि यहां के पद्मनाभपुर थाना केवल नाम का ही रहा क्षेत्र के लोगों के लिए फैल साबित हुई

