दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव के एक माह महापौर धीरज बाकलीवाल के चार साल एवं निगमायुक्त लोकेश चंद्राकर के एक साल का कार्यकाल शहरवासियों के लिए फैल साबित एवं आज भी क्षेत्र में समस्याओं का अंबार जस के तस बनी हुई हैं।
दुर्ग निगम शहर वासियों इन दिनों भगवान भरोसे चल रहे हैं क्षेत्र के मूलभूत सुविधाओं को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। एक तरफ शहरवासियों को कईयों समस्याओं से जूझना तो वहीं दुसरी ओर शहर निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर,शहर सरकार धीरज बाकलीवाल एवं नवनिर्वाचित शहर विधायक गजेन्द्र यादव अपनी जिम्मेदारियों से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।
तभी तो आज अधिकारियो एवं नेताओं का कोई अता-पता ही नहीं है। इन लोगों को शहर के विकास एवं शहरवासियों के मूलभूत समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। शायद शहरवासियों को ऐसा ही महसूस एवं प्रतित होने लगी है। नेताओं के द्वारा नारा लगाते सुनने को मिलते हैं कि हमर शहर सुघ्घर एवं सुन्दर गढ़बो नवा दुर्ग का सपना चकनाचूर होते हुए दिखाई दे रहे हैं।
दुर्ग शहर के वार्डों में पाईप लाईन निकेज होने से कई लीटर पानी की बर्बादी एवं क्षेत्र के लोगों को पानी कि किल्लत एवं अनेकों बोरिंग खराब पड़ी हुई है।
दुर्ग शहर के वार्डों में अनेकों शौचालयों खराब होने एवं क्षेत्रों में कईयों जगहों पर कचडों के ढेर एवं नालियों कि सफाई नहीं होने से स्वच्छता अभियान फैल साबित हुई
दुर्ग शहर के अनेकों वार्डों एवं मुख्य मार्गों के हाई मास्क लाईट और बिजली पोल खंभों के लाईटें बंद एवं खराब होने से क्षेत्र के लोगों को दुर्घटनाओं का भय लगातार बनी हुई हैं।
दुर्ग शहर के अनेकों वार्डों के सड़कों खराब एवं अनेकों गढ्ढे होने से क्षेत्र के लोगों को दुर्घटनाओं का सामना करन पढ़ता है।
दुर्ग शहर के अनेकों वार्डों में विकास कार्यों पर रोक एवं ठेकेदारों द्वारा मनमानी करते हुए काम बंद कर आधा अधुरा छोड़कर चले गए हैं।
दुर्ग निगम में कर्मचारी आएं दिन ड्यूटी से नदारद होने के कारण एवं हितग्राहियों को अनेकों समस्याओं से जूझना जिससे योजनाओं का लाभ नहीं मिलना
दुर्ग शहर के वार्डों एवं चौक चौराहों पर अवैध कब्जों एवं अतिक्रमणों होने के कारण सौंदर्यीकरण नहीं होने से अक्सर दुर्घटनाओं को आमंत्रित करना
दुर्ग शहर के किसी भी सड़कों एवं गलियारों में अवैध मांस – मछली एवं मटन का कारोबार जिससे क्षेत्र के लोगों को अनेकों परेशानियों का सामना
दुर्ग शहर के निस्तारित हेतु अनेकों तालाबों में जीणोद्धार एवं सौंदर्यीकरण नहीं होने से तालाबों के पानी दूषित एवं नीले पीले होने से क्षेत्र के लोगों को बीमारियों का खतरा लगातार बनी हुई है।
दुर्ग शहर के वार्डों में निगम के ठेकेदारों द्वारा अनेकों जगहों पर काम ठेके पर लेकर आधा अधुरा छोड़कर काम बंद करके चले गए ऐसे लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं होती
दुर्ग शहर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों चौक चौराहों पर धड़ल्ले से शराब बिक्री होने से चौक चौराहों पर जाम कि स्थिति निर्मित महिलाओं द्वारा असुरक्षित महसूस करने के साथ ही अनेकों समस्याओं का सामना
दुर्ग शहर नवनिर्वाचित विधायक गजेन्द्र यादव अब अपने आप को इतना व्यस्तता कर लिए गए कि किसी के फोन उठाना उचित नहीं समझते अपने स्वागत सम्मान कार्यक्रम में एक माह ऐसी ही बीता चुके हैं।
आज शहरवासियों एक तरफ पेट्रोल के लिए लम्बी लाईन लगाई गई एवं मारा-मारी हो रहा है तो वहीं दुसरी तरफ शहर सरकार महापौर धीरज बाकलीवाल एवं नवनिर्वाचित विधायक गजेन्द्र यादव शहर से बाहर है।
दुर्ग निगम के अधिकारियों एवं क्षेत्र के नेताओं को वार्डवासियों के समस्याओं से कोई मतलब नहीं तभी तो आज शहर में दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में लोकप्रिय नेता कैसे कहलाएंगे समझने का विषय है। ऐसा लगा मानो केवल अधिकारियों एवं नेताओं का ही विकास हुई हैं।
निगम कर्मचारियों को लेटलफी पेमेंट वेतन मिलना और वहीं दूसरी ओर निराश्रित पेंशनधारियों को अभी तक महिना पेमेंट नहीं मिलने से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार लोग शहर से नदारद हैं। दुर्ग निगम भगवान भरोसे चल रहे हैं।


