भाजपा के सरकार में कौन बनेंगे अभी तक नाम तय नहीं हुआ और वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम में विधायक आमंत्रित को लेकर भेद-भाव करने के साथ ही कार्यकर्ताओं ने भारी नराजगी जताई
आज दुर्ग स्थित एक मैरिज पैलेस में भाजपाइयों द्वारा नवनिर्वाचित विधायकों का स्वागत सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित कि गई कार्यक्रम समय दोपहर दो बजे रखीं गई थी आपको बता दें कि इस कार्यक्रम में लगभग हजारों कि संख्या में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं विशेष रूप से उपस्थित रहे
कार्यक्रम स्थल बहुत ही छोटे एवं कम स्पेस होने से भगदड़ जैसे स्थिति निर्मित हो गई थी भाजपाइयों के सोच से ज्यादा लोग कार्यक्रम में शामिल होते दिखाई दिए नेताओं एवं कार्यकर्ताओं और न ही पत्रकारों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था नहीं कि गई थी और कुछ दिग्गज नेताओं को मंच में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सी एवं सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से मंच पर खड़े दिखाई दिए
विधायकों को स्वागत करने पहुंचे कार्यकर्ताओं के अधिक भीड़भाड़ होने के कारण बीना स्वागत किए ही मंच से वापस लौटते हुए दिखाई दिए दोपहर दो बजे कार्यक्रम शुरू हो जाने थी लेकिन नवनिर्वाचित विधायकों ने पहले दिन ही करीब चार बजे के आसपास कार्यक्रम स्थल में लेटलफी पहुंचे
जबकि कार्यकर्ताओं द्वारा अति उत्साहित होकर एवं कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटे करीब बारह बजे से ही पहुंच गए थे भाजपाई कार्यकर्ताओं को न स्वागत न मिठाई और न ही नास्ता नसीब हुई जबकि यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के भरोसे सम्पन्न हुआ उसके बाद भी भाजपा पार्टी के कार्यकर्ताओं विधायकों को सम्मान करने को लेकर मोहताज हुए
जिससे कई भाजपा कार्यकर्ताओं आक्रोशित एवं नराजगी दिखाई दिए विधायक सम्मान समारोह में साजा विधानसभा से ईश्वर साहू, अहिवारा विधानसभा से डोमन कोसेवाडा, दुर्ग ग्रामीण विधानसभा से ललित चंद्राकर एवं दुर्ग शहर विधानसभा से गजेन्द्र यादव एवं सांसद विजय बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे जबकि वैशाली नगर विधानसभा से रिकेश सेन को आमंत्रित नहीं कि गई और न ही बेनर पोस्टर स्वागत में रिकेश सेन के फोटो को भी नहीं डाली गई
वहीं भिलाई अध्यक्ष ब्रिजेश ब्रीचपुरिया सहित अनेकों दिग्गज नेताओं उपस्थित रहे यह विधायक सम्मान समारोह पहला कार्यक्रम सुत्रो के अनुसार पता चला कि दुर्ग जिला अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में कि गई जो पुरी तरह से क्षेत्र के लोगों एवं भाजपाइयों के लिए फैल साबित हुई अभी शपथ ग्रहण समारोह भी नहीं हुआ है और न ही अभी इनकी सरकार भी नहीं बनी है और अभी से ही आपस में मनमोटाव एवं आमंत्रण को लेकर भेद-भाव करते दिखाई दिए
कार्यक्रम में शामिल नेताओं में चर्चा का विषय बना जो कार्यकर्ता दिन रात पार्टी के लिए मेहनत करते दिखाई दिए आज उन्हीं कार्यकर्ताओं को नवनिर्वाचित विधायकों के सम्मान एवं भूखे पेट वापस जाने को मजबूर हुए इस तरह कार्यक्रम में शामिल हुए उत्साहित होकर और निराशा लेकर लौटते दिखाई दिए इससे साफ जाहिर होता है।
कि भाजपा पार्टी के बड़े बड़े दिग्गज नेताओं द्वारा लाखों और करोड़ों रुपए खर्च कर चुनाव जितने के बाद भी कार्यकर्ताओं को खाना एवं कुर्सी नसीब नहीं हुआ अगर कार्यकर्ताओं के पुछ परख नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं होगी जब कार्यकर्ताओं के मानसिकता नेताओं के प्रति साथ छोड़ने में समय नहीं लगेगा

