जो दल बदलू नेता फेर-बदल एवं दल-बदल करने के बाद अपनी पार्टी कि नहीं हुई वे दुसरे पार्टी के कैसे होंगे क्योंकि जिस पार्टी में लम्बे अरसे तक अपने पार्टी के लिए मर मिटने वाले और हरेक नियम का दायित्व निभाई गई वहीं कुछ नेताओं द्वारा उसी पार्टी के पैर पट्टी खोलते हुए सुनने एवं दिखाई देते हैं।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के ठीक एक वर्ष पहले से लेकर चुनाव नजदीक एवं चुनाव होते तक अनेक कईयों नेताओं द्वारा अपने अपने पार्टी को छोड़कर बड़ी फेर-बदल करते दिखाई दिए किसी को सम्मान नहीं मिलने एवं किसी को पद् नहीं मिलने या फिर किसी ने बड़े पद कि चाह में एक दुसरे पार्टी में शामिल हुए
कुछ नेताओं द्वारा लम्बी वर्षों तक एक ही पार्टी में रहते दिखाई देते हैं तत्पश्चात दुसरे पार्टी के बारे में भला-बुरा कहते हुए भी सुनने मिलते हैं और जब उनके चाह अनुरूप पद नहीं मिलने पर जहां दुसरे पार्टी को भला-बुरा कहते थे उसी पार्टी में जाकर शामिल हो जाने के बाद
जिस पार्टी में लम्बे अरसे तक अपने पार्टी के नियम का दायित्व निभाई गई थी उसी पार्टी के पैर पट्टी खोलते हुए सुनने एवं दिखाई देते हैं। केवल सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए पार्टियों में फेर-बदल करते हैं। ऐसे कुछ नेताओं समाज हित एवं देश हित के लिए बहुत हानिकारक होते हैं।
क्योंकि फेर-बदल एवं दल-बदल करने वाले कुछ दल बदलू नेता अपने पार्टी के नहीं हो सकतें वे अन्य दुसरे पार्टी के कैसे होंगे समझने का विषय है। इसलिए पार्टी प्रमुख जिम्मेदार नेताओं को दल-बदल करने वाले नेताओं से सावधानी एवं ऐसे नेताओं से दूर रहने कि आवश्यकता है।
अक्सर देखा जाता है। कि मनचाहा पद नहीं मिलने पर अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं सहित पद कि चाह में दुसरे अन्य पार्टी में शामिल होने चले जाते हैं। और दुसरे पार्टी द्वारा खुश होकर उंचा नीचा दिखाने हेतु अपने पार्टी में शामिल कर लेते हैं। जो बिल्कुल भी सही एवं ठीक नहीं है।
क्योंकि जो दल-बदल करने वाले दल बदलू नेता होते हैं। वे अपने पार्टी के नहीं होते वह नेता दुसरे पार्टी के लिए समर्पित कैसे होंगे आप लोग भले भाती समझते हैं। इसलिए पार्टी के बड़े प्रमुख नेता को अपने पार्टी के छवि को बनाए रखने के लिए दल-बदल करने वाले नेताओं से सावधानी बरतने कि खास आवश्यकता है।
क्योंकि फेर-बदल एवं दल-बदल करने वाले दल-बदलू नेताओं जो अपने पार्टी के लिए मर मिटने को तैयार होते थे किसी के मुंह से पार्टी के बारे गलत नहीं सुनते थे वहीं दुसरे पार्टी में शामिल होकर अपने पार्टी के पैर पट्टी खोलते हुए सुनने मिलते हैं। ऐसा नेता कभी किसी पार्टी के नहीं हो सकतें सिर्फ अपने स्वार्थ के बारे में सोचते दिखाई देते हैं
पार्टी के प्रमुख जिम्मेदार नेताओं को कुछ ऐसे लोगों पर कभी भी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग समाज एवं राष्ट्र हित के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे लोगों को अगर कोई जिम्मेदारी भी दें तो अपने जिम्मेदारियों को निभाते दिखाई नहीं देते केवल अपनी स्वार्थ ही दिखाई देते हैं इसलिए पार्टी के प्रमुख जिम्मेदार नेताओं को सचेत रहने कि बहुत ही खास आवश्यकता है।
इससे साफ जाहिर होता है कि दल-बदलू नेताओं के सोच समाज एवं राष्ट्र हित में नहीं होता केवल सिर्फ अपने स्वार्थ एवं अपने विकास के लिए इधर उधर फेर-बदल एवं दल-बदल होते दिखाई देते हैं। लोगों एवं पार्टियों को व्यक्तियों से दूरी बनाकर चलने कि आवश्यकता है। क्योंकि ऐसे लोगों कि सोच एवं नियत साफ नहीं होती कभी भी इधर उधर होने कि संभावना बनी रहती हैं।
इससे अच्छा तो नये पिंडी नये युवाओं को मौका देकर आगे बढ़ाने कि जरूरत है। इससे हमारे समाज हित एवं राष्ट्र-हित होगा और समाज का नाम रोशन एवं राष्ट्र का नाम उंचा होने के साथ ही विकासशील देश बनेंगे 

