कांग्रेस अभी तक छत्तीसगढ़ के किसानों को लगातार गुमराह करती रही
जिला महामंत्री ललित चंद्राकर ने जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि धान के मुद्दे पर कांग्रेस की सरकार लगातार भ्रम पैदा कर रही है। गलत आंकड़े पेश किए जाते हैं। कांग्रेस अभी तक छत्तीसगढ़ के किसानों को लगातार गुमराह करती रही है।
इस सरकार के पूर्व कृषि मंत्री ने एक बार फिर से पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों को गुमराह करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि अगले पंचवर्षीय योजना के अंत तक धान का समर्थन मूल्य इतना हो जाएगा कि हम 3600 रुपये में धान खरीदेंगे।
हकीकत यह है कि कांग्रेस तीन माह बाद सत्ता से सड़क पर आ रही है। पहले तो वे यह बताएं कि जब धान का समर्थन मूल्य 1650 रुपए था, तब कांग्रेस ने कहा था कि 2500 रुपये में धान खरीदेंगे। 750 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त देंगे और जब 750 रुपए अतिरिक्त देने की बात आई तो 1 साल बाद उसे साल में प्रति एकड़ 9000 रुपये कर दिया।
15 क्विंटल प्रति एकड़ का लगभग 11000 रुपये होता है तो 2000 पहले ही खा गए। आज धान का समर्थन मूल्य 2183 रुपए हो गया है। आज भी यह 2650 रुपए दे रहे हैं जबकि 2984 रुपए देना चाहिए। आज भी किसानों को 333 रुपए कम दे रहे हैं। यह सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।
हम उनसे कहना चाहते हैं कि अगर तुम में दम है, मर्दानगी है तो तुम अपनी दम पर 2650 रुपए में पूरा धान खरीद लो और बाकी बचा हुआ धान केंद्र सरकार के 2183 रुपये में आप खरीदो। केंद्र सरकार लगभग 80 फ़ीसदी धान से निर्मित चावल खरीदती है। उसकी गारंटी देती है और केंद्र की गारंटी के कारण ही यह धान खरीद पाते हैं।
इनमें दम नहीं है कि अपनी दम पर धान खरीद लें। यह खाली 3600 रुपए का सपना दिखा रहे हैं। अगर हिम्मत है तो घोषित करें कि इस साल जो धान खरीदा जाएगा वह 3600 रुपये में खरीदा जाएगा। केंद्र सरकार ने पिछले 4 सालों में 430 रुपए समर्थन मूल्य बढ़ाया है।
4 सालों में 85 हजार करोड़ का धान खरीदा है। 75000 करोड़ केंद्र सरकार ने दिए। राज्य सरकार ने सिर्फ 10 हजार करोड़ लगाया है। यदि केंद्र सरकार समर्थन मूल्य पर चावल न खरीदे तो सरकार की हालत पतली हो जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी से ही धान खरीदी में आनाकानी शुरू कर चुके हैं। प्रधानमंत्री को पत्र लिख रहे हैं।
इस सरकार के पास गवर्नेंस नाम की कोई चीज है नहीं। शासन प्रशासन है ही नहीं। भूपेश बघेल जूट कमिश्नर की आड़ में हजारों करोड़ का बारदाना खरीदी में भ्रष्टाचार करते हैं। भूपेश बघेल में न सामर्थ्य है न ताकत है कि अपनी दम पर सरकार चला पाएं।
इसलिए हर मामले में प्रधानमंत्री को एक पत्र लिख देते हैं और अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लेते हैं। मोदी जी को जनता ने देश में सरकार चलाने के लिए प्रधानमंत्री बनाया और भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ में सरकार चलाने के लिए जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है। केवल चिट्टी लिखने के लिए मुख्यमंत्री नहीं बनाया।


