खूंखार आवारा कुत्तो के काटने से कोई भी व्यक्ति जख्मी या मौत होती हैं तो उस घटना का जिम्मेदार कौन होंगे…
दुर्ग शहर नगर निगम प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि नेताओं द्वारा विकसित दुर्ग के निर्माण को लेकर गढ़बो नवा दुर्ग और सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के साथ शायद शहरवासियों के लिए अनेक सपने संजोएं होंगे
लेकिन आज शहरवासियों को लोगों से ज्यादा डर और भय शहर के गलियारों में घूम रहे खूंखार आवारा कुत्तो से होने लगे हैं। जिधर देखो उधर दिन लगे न रात आवारा कुत्तो का झूंड दिखाई देंगे लोग जब अपने घरों से किसी काम को लेकर निकलते हैं। तो सबसे ज्यादा आवारा कुत्तो का डर सताने लगती हैं।
पढ़ने लिखने वाले बच्चों, युवाओं,लड़कियों बुजुर्गों , और महिलाओं को अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वाहन चालकों सहित पैदल चलने वाले राहगीरों को अकसर आवारा कुत्तो के द्वारा लोगों को दौड़ाकर – दौड़ाकर काटने को दौड़ते है।
अगर खूंखार आवारा कुत्तो के द्वारा लोगो को किसी भी प्रकार जख्मी नुकसान पहुंचाता है तो जिम्मेदार कौन होंगे
जिससे लोग भयभीत होकर गीर पढ़ते हैं। या फिर दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। लोगों को जबकि दिनमान अपने अपने घरों से कुत्तो के आतंक के कारण निकलने के लिए सोचना पड़ता है। तो रात में सोचिए क्या होता होगा
आपको बता दे की खूखांर आवारा कुत्तो के कारण दुर्ग शहरवासी दहशत में है। गलती से अगर खौफ़नाक आवारा कुत्तो के द्वारा किसी व्यक्ति को जख्मी कर घायल करते हैं और उस उस व्यक्ति को समय पर समुचित इलाज नहीं मिलता हैं तो वह व्यक्ति पागल या फिर उस व्यक्ति का मौत भी हो सकती हैं।
इसलिए निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शहरवासियों के हितो को ध्यान में रखते हुए शहर के गलियारों में घूम रहे खूंखार आवारा कुत्तो को पकड़कर शीघ्र एक सुरक्षित स्थान पर या फिर ड़ांग हाउस बनाकर छोड़ी जाए। ताकि शहरवासियों को कही भी जाने – आने में किसी भी प्रकार के समस्याए निर्मित न हो
